मेड़तिया राठौड़ वंशावली

वंशाली वृक्ष

मारवाड़ के शासक राव रणमल से लेकर मेड़ता राज्य के संस्थापक राव दूदाजी तक, मेड़तिया राठौड़ वंश की गौरवशाली वंशावली, वीर योद्धाओं और संत परंपरा का इतिहास जानें।

7
पीढ़ियाँ
6
वंश शाखाएँ
18+
प्रमुख व्यक्तित्व

मेड़तिया राठौड़ वंशावली

राव रणमल
मारवाड़ के शासक
· शासनकाल: 1427–1438
राव जोधा
जोधपुर के संस्थापक
· 1416–1489 • शासनकाल: 1438–1489
राव दूदाजी
राव जोधा के चतुर्थ पुत्र • मेड़ता राज्य के संस्थापक
· 1440–1515 • शासनकाल: लगभग 1461–1515
राव वीरमदेव
मेड़ता के शासक
· शासनकाल: लगभग 1515–1532
राव जैमल मेड़तिया
मेड़ता के पाँचवें राव • चित्तौड़ के अमर वीर
· लगभग 1507–1568
सूरतन सिंह
सूरतनोत शाखा के संस्थापक
· बदनोर, जालौर
केशवदास
केशवदासोत शाखा के संस्थापक
· बाडू, बोरावड़
गोयंददास
गोयंददासोत शाखा के संस्थापक
· भांवता, गेरी
रामदास
हल्दीघाटी युद्ध के वीर शहीद
· 1576
कल्याणदास
कल्याणदासोत शाखा के संस्थापक
राव बिशनदास
बिशनदासोत शाखा के संस्थापक
गोकुलदास
बोरूंदा के ठाकुर
रतन सिंह मेड़तिया
राव दूदाजी के पुत्र
· 15वीं शताब्दी
मीराबाई
भक्ति आंदोलन की महान संत एवं कवयित्री
· लगभग 1498–1547
राव रायमल
रायमलोत शाखा के संस्थापक
कुँवर पृथ्वी सिंह
राव डूंगर
डूंगरोत शाखा के संस्थापक
ठाकुर शेर सिंह
राव बीका
बीकानेर राज्य के संस्थापक
· 1438–1504 • शासनकाल: 1488–1504

राव दूदाजी — मेड़ता राज्य के संस्थापक (1461) एवं मेड़तिया राठौड़ वंश के प्रवर्तक।

राव जैमल मेड़तिया — 1567 में चित्तौड़गढ़ की रक्षा करते हुए अद्वितीय वीरता का परिचय दिया।

भक्त शिरोमणि मीराबाई — राव दूदाजी की पौत्री एवं भक्ति आंदोलन की महान संत कवयित्री।